अन्वयः
वानरेश्वरम् lord of monkeys, प्रविष्टम् entered, तम् him, अभिवाद्य welcomed, वानरसहस्राणि thousands of monkeys, प्रविष्टानि entered, सर्वतः all, पर्यवारयन् standing in attendance.
M N Dutt
Encircling that lord of monkeys thousands of them entered the city.
Summary
Thousands of monkeys entered the city of Kishkinda along with their king, and stood in attendance everywhere.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| वानरसहस्राणि | वानर–सहस्र (१.३) |
| प्रविष्टं | प्रविष्ट (√प्र-विश् + क्त, २.१) |
| वानरेश्वरम् | वानर–ईश्वर (२.१) |
| अभिवाद्य | अभिवाद्य (√अभि-वादय् + ल्यप्) |
| प्रहृष्टानि | प्रहृष्ट (√प्र-हृष् + क्त, १.३) |
| सर्वतः | सर्वतस् (अव्ययः) |
| पर्यवारयन् | पर्यवारयन् (√परि-वारय् लङ् प्र.पु. बहु.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | वा | न | र | स | ह | स्रा | णि |
| प्र | वि | ष्टं | वा | न | रे | श्व | रम् |
| अ | भि | वा | द्य | प्र | हृ | ष्टा | नि |
| स | र्व | तः | प | र्य | वा | र | यन् |