अन्वयः
सुग्रीवे as Sugriva, अभिषिक्ते was consecrated, सहस्रशः in thousands, सर्वे all, तत्र there, महात्मानः great, वानरपुङ्गवाः leaders among monkeys, हृष्टाः rejoiced, प्रचुक्रुशुः shrieked out of joy.
Summary
As Sugriva was ceremoniously consecrated, thousands of monkeys rejoiced and shrieked out of joy.
पदच्छेदः
| अभिषिक्ते | अभिषिक्त (√अभि-सिच् + क्त, ७.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| सुग्रीवे | सुग्रीव (७.१) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| वानरपुंगवाः | वानर–पुंगव (१.३) |
| प्रचुक्रुशुर् | प्रचुक्रुशुः (√प्र-क्रुश् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| महात्मानो | महात्मन् (१.३) |
| हृष्टास् | हृष्ट (√हृष् + क्त, १.३) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| सहस्रशः | सहस्रशस् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | भि | षि | क्ते | तु | सु | ग्री | वे |
| स | र्वे | वा | न | र | पुं | ग | वाः |
| प्र | चु | क्रु | शु | र्म | हा | त्मा | नो |
| हृ | ष्टा | स्त | त्र | स | ह | स्र | शः |