निःसंशयं कार्यमवेक्षितव्यं; क्रियाविशेषो ह्यनुवर्तितव्यः ।
ननु प्रवृत्तस्य दुरासदस्य; कुमारकार्यस्य फलं न चिन्त्यम् ॥
निःसंशयं कार्यमवेक्षितव्यं; क्रियाविशेषो ह्यनुवर्तितव्यः ।
ननु प्रवृत्तस्य दुरासदस्य; कुमारकार्यस्य फलं न चिन्त्यम् ॥
अन्वयः
कुमार dear, निस्संशयम् no doubt, कार्यम् the work, अवेक्षितव्यम् should be considered, क्रियाविशेषोऽहि and requires special attention, अनुवर्तितव्यः should be followed, प्रवृत्तस्य (of the work) to be commenced, दुरासदस्य of the unassailable, कार्यस्य of action, फलं च fruit also, चिन्त्यं ननु surely need to think.Summary
'My dear, there is no doubt that I have to consider the work (ahead), give special attention to follow up. Surely I need to think over this herculian task and its achievement'.पदच्छेदः
| निःसंशयं | निःसंशय (१.१) |
| कार्यम् | कार्य (१.१) |
| अवेक्षितव्यं | अवेक्षितव्य (√अव-ईक्ष् + कृत्, १.१) |
| क्रियाविशेषो | क्रिया–विशेष (१.१) |
| ह्य् | हि (अव्ययः) |
| अनुवर्तितव्यः | अनुवर्तितव्य (√अनु-वृत् + कृत्, १.१) |
| ननु | ननु (अव्ययः) |
| प्रवृत्तस्य | प्रवृत्त (√प्र-वृत् + क्त, ६.१) |
| दुरासदस्य | दुरासद (६.१) |
| कुमारकार्यस्य | कुमार–कार्य (६.१) |
| फलं | फल (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| चिन्त्यम् | चिन्त्य (√चिन्तय् + कृत्, १.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| निः | सं | श | यं | का | र्य | म | वे | क्षि | त | व्यं |
| क्रि | या | वि | शे | षो | ह्य | नु | व | र्ति | त | व्यः |
| न | नु | प्र | वृ | त्त | स्य | दु | रा | स | द | स्य |
| कु | मा | र | का | र्य | स्य | फ | लं | न | चि | न्त्यम् |