अन्वयः
लक्ष्मण O Lakshmana, प्रियाविहीने separated from wife, दुःखार्ते a griefstricken man, हृतराज्ये lost kingdom, विवासिते banished, मयि at me, राजा सुग्रीवः king Sugriva, कृपाम् mercy, न कुरुते not showing.
M N Dutt
O Laksmana, Sugriva, is not inclined to show any commiseration towards me, who am separated from my beloved spouse, deprived of my kingdom, banished and stricken with sorrow.
Summary
'O Lakshmana king Sugriva shows no mercy on one, who is griefstricken, separated from his wife, and banished from the kingdom.
पदच्छेदः
| प्रियाविहीने | प्रिया–विहीन (√वि-हा + क्त, ७.१) |
| दुःखार्ते | दुःख–आर्त (७.१) |
| हृतराज्ये | हृत (√हृ + क्त)–राज्य (७.१) |
| विवासिते | विवासित (√वि-वासय् + क्त, ७.१) |
| कृपां | कृपा (२.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| कुरुते | कुरुते (√कृ लट् प्र.पु. एक.) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| सुग्रीवो | सुग्रीव (१.१) |
| मयि | मद् (७.१) |
| लक्ष्मण | लक्ष्मण (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प्रि | या | वि | ही | ने | दुः | खा | र्ते |
| हृ | त | रा | ज्ये | वि | वा | सि | ते |
| कृ | पां | न | कु | रु | ते | रा | जा |
| सु | ग्री | वो | म | यि | ल | क्ष्म | ण |