अन्वयः
वीरेण by the distinguished hero, राघवेण by Rama, भयम् fear, दूरतः driving away, उत्सृज्य putting aside, त्वत्प्रियार्थम् for your happiness, शक्रतुल्यपराक्रमः valour equal to that of Indra, वाली Vali, हतः killed.
Summary
'To remove your fear and to please you, the great hero Rama has killed Vali, an equal to Indra in valour.
पदच्छेदः
| राघवेण | राघव (३.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| शूरेण | शूर (३.१) |
| भयम् | भय (२.१) |
| उत्सृज्य | उत्सृज्य (√उत्-सृज् + ल्यप्) |
| दूरतः | दूरतस् (अव्ययः) |
| त्वत्प्रियार्थं | त्वद्–प्रिय–अर्थ (२.१) |
| हतो | हत (√हन् + क्त, १.१) |
| वाली | वालिन् (१.१) |
| शक्रतुल्यपराक्रमः | शक्र–तुल्य–पराक्रम (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | घ | वे | ण | तु | शू | रे | ण |
| भ | य | मु | त्सृ | ज्य | दू | र | तः |
| त्व | त्प्रि | या | र्थं | ह | तो | वा | ली |
| श | क्र | तु | ल्य | प | रा | क्र | मः |