अन्वयः
श्रीमान् a bestower of fortune, सः he, रत्नमयीम् inlaid with gems, दिव्याम् wonderful, पुष्पितकाननाम् with forest full of flowers, रम्याम् delighting, रत्नसमाकीर्णाम् full of precious stones and gems, ताम् such, महतीम् mammoth, गुहाम् cave, ददर्श saw.
Summary
Lakshmana, the bestower of fortune, saw the mammoth cave inlaid with gems and precious stones and forests full of delightful flowers.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तां | तद् (२.१) |
| रत्नमयीं | रत्न–मय (२.१) |
| श्रीमान् | श्रीमत् (१.१) |
| दिव्यां | दिव्य (२.१) |
| पुष्पितकाननाम् | पुष्पित–कानन (२.१) |
| रम्यां | रम्य (२.१) |
| रत्नसमाकीर्णां | रत्न–समाकीर्ण (√समा-कृ + क्त, २.१) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महतीं | महत् (२.१) |
| गुहाम् | गुहा (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | तं | र | त्न | म | यीं | श्री | मा |
| न्दि | व्यां | पु | ष्पि | त | का | न | नाम् |
| र | म्यां | र | त्न | स | मा | की | र्णां |
| द | द | र्श | म | ह | तीं | गु | हाम् |