अन्वयः
किं तु nevertheless, त्वम् you, मया सह with me, इतः from this place, शीघ्रम् at once, निष्क्रम start, भार्याहरणकर्शितम् a man grieved by the abduction of his wife, वयस्य your friend, सान्त्वयस्व reassure.
M N Dutt
But, O hero, do you speedily go out with me and soothe your friend aggrieved for the ravishment of his wife.
Summary
'Nevertheless I want you to proceed from here with me at once and reassure your friend who is agrieved due to the abduction of his wife.
पदच्छेदः
| किं | क (२.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| शीघ्रम् | शीघ्र (२.१) |
| इतो | इतस् (अव्ययः) |
| वीर | वीर (८.१) |
| निष्क्राम | निष्क्राम (√निः-क्रम् लोट् म.पु. ) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| मया | मद् (३.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| सान्त्वयस्व | सान्त्वयस्व (√सान्त्वय् लोट् म.पु. ) |
| वयस्यं | वयस्य (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| भार्याहरणदुःखितम् | भार्या–हरण–दुःखित (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| किं | तु | शी | घ्र | मि | तो | वी | र |
| नि | ष्क्रा | म | त्वं | म | या | स | ह |
| सा | न्त्व | य | स्व | व | य | स्यं | च |
| भा | र्या | ह | र | ण | दुः | खि | तम् |