अन्वयः
ततः then, तमपि even the mountain, अतिक्रम्य going beyond, सर्वकामफलैः with those yielding wishfulfilling fruits, सर्वकालमनोहरैः delightful in all seasons, वृक्षैः with trees, वैद्युतोनाम named Vaidyuta, पर्वतः mountain.
Summary
'Beyond that mountain lies Vaidyuta, a hill with trees yielding lovely fruits in all seasons which can satisfy all desires.
पदच्छेदः
| ततस् | ततस् (अव्ययः) |
| तम् | तद् (२.१) |
| अप्य् | अपि (अव्ययः) |
| अतिक्रम्य | अतिक्रम्य (√अति-क्रम् + ल्यप्) |
| वैद्युतो | वैद्युत (१.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| पर्वतः | पर्वत (१.१) |
| सर्वकामफलैर् | सर्व–काम–फल (३.३) |
| वृक्षैः | वृक्ष (३.३) |
| सर्वकालमनोहरैः | सर्व–काल–मनोहर (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त | स्त | म | प्य | ति | क्र | म्य |
| वै | द्यु | तो | ना | म | प | र्व | तः |
| स | र्व | का | म | फ | लै | र्वृ | क्षैः |
| स | र्व | का | ल | म | नो | ह | रैः |