अन्वयः
सर्वतः everywhere, गजाश्च elephants, वराहाश्च boars, सिंहाः lions, व्याघ्राश्च tigers, तेन by their, शब्देन sound, दर्पिताः puffed with pride, तम् them, सततम् always, अभिगर्जन्ति will be roaring
M N Dutt
Coming to it, elephants, and boars, and lions, and tigers, on all sides roar ceaselessly, wrought up by the echoes their own cries have produced.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| गजाश् | गज (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| वराहाश् | वराह (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| सिंहा | सिंह (१.३) |
| व्याघ्राश् | व्याघ्र (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| सर्वतः | सर्वतस् (अव्ययः) |
| अभिगर्जन्ति | अभिगर्जन्ति (√अभि-गर्ज् लट् प्र.पु. बहु.) |
| सततं | सततम् (अव्ययः) |
| तेन | तद् (३.१) |
| शब्देन | शब्द (३.१) |
| दर्पिताः | दर्पित (√दर्पय् + क्त, १.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | ग | जा | श्च | व | रा | हा | श्च |
| सिं | हा | व्या | घ्रा | श्च | स | र्व | तः |
| अ | भि | ग | र्ज | न्ति | स | त | तं |
| ते | न | श | ब्दे | न | द | र्पि | ताः |