अन्वयः
तेजसा वापि in brilliance, ते to you, समम् equal, भूतम् a being, भुवि in the world, न विद्यते does not exist, तत् therefore, सीता Sita, यथा as such, लभ्यते is secured, तत् that way, त्वमेव you alone, अपपादय should go ahead.
Summary
'I do not know any living being equal to you in brilliance on this earth. Therefore, you alone know how to secure Sita.Go ahead
पदच्छेदः
| तेजसा | तेजस् (३.१) |
| वापि | वा (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| भूतं | भूत (१.१) |
| समं | सम (१.१) |
| भुवि | भू (७.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| विद्यते | विद्यते (√विद् प्र.पु. एक.) |
| तद् | तद् (१.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| लभ्यते | लभ्यते (√लभ् प्र.पु. एक.) |
| सीता | सीता (१.१) |
| तत्त्वम् | तत्त्व (२.१) |
| एवोपपादय | एव (अव्ययः)–उपपादय (√उप-पादय् लोट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | ज | सा | वा | पि | ते | भू | तं |
| स | मं | भु | वि | न | वि | द्य | ते |
| त | द्य | था | ल | भ्य | ते | सी | ता |
| त | त्त्व | मे | वो | प | पा | द | य |