अन्वयः
हरिपुङ्गवाः best of monkeys, भर्तुः king's, तत् that, उग्रशासनम् strict order, विज्ञाय having understood, मेदिनीम् the whole earth, शलभा इव like locusts, सञ्छाद्य covered, सम्प्रतस्थिरे started moving.
Summary
Having understood Sugriva's strict orders, the forces of monkeys started moving. They spread like locusts all over the earth.
पदच्छेदः
| तद् | तद् (२.१) |
| उग्रशासनं | उग्र–शासन (२.१) |
| भर्तुर् | भर्तृ (६.१) |
| विज्ञाय | विज्ञाय (√वि-ज्ञा + ल्यप्) |
| हरिपुंगवाः | हरि–पुंगव (१.३) |
| शलभा | शलभ (२.२) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| संछाद्य | संछाद्य (√सम्-छादय् + ल्यप्) |
| मेदिनीं | मेदिनी (२.१) |
| सम्प्रतस्थिरे | सम्प्रतस्थिरे (√सम्प्र-स्था लिट् प्र.पु. बहु.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | दु | ग्र | शा | स | नं | भ | र्तु |
| र्वि | ज्ञा | य | ह | रि | पुं | ग | वाः |
| श | ल | भा | इ | व | सं | छा | द्य |
| मे | दि | नीं | सं | प्र | त | स्थि | रे |