अन्वयः
दृष्ट्वा on seeing, तां her, चीरकृष्णाजिनाम्बराम् wearing deer skin and bark robes, नियताहाराम् restricted food, तेजसा with lustre, ज्वलन्तीमिव as if glowing, तापसीम् a female ascetic, भृशसन्त्रस्ता very much frightened.
Summary
She was an ascetic in bark robes and deer skin blazing with lustre, restrained in her food. The monkeys got very frightened.
पदच्छेदः
| तां | तद् (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| भृशसंत्रस्ताश् | भृश–संत्रस्त (√सम्-त्रस् + क्त, १.३) |
| चीरकृष्णाजिनाम्बराम् | चीर–कृष्ण–अजिन–अम्बर (२.१) |
| तापसीं | तापसी (२.१) |
| नियताहारां | नियत (√नि-यम् + क्त)–आहार (२.१) |
| ज्वलन्तीम् | ज्वलत् (√ज्वल् + शतृ, २.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| तेजसा | तेजस् (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तां | दृ | ष्ट्वा | भृ | श | सं | त्र | स्ता |
| श्ची | र | कृ | ष्णा | जि | ना | म्ब | राम् |
| ता | प | सीं | नि | य | ता | हा | रां |
| ज्व | ल | न्ती | मि | व | ते | ज | सा |