प्लवंगमानां तु भयार्दितानां; श्रुत्वा वचस्तार इदं बभाषे ।
अलं विषादेन बिलं प्रविश्य; वसाम सर्वे यदि रोचते वः ॥
प्लवंगमानां तु भयार्दितानां; श्रुत्वा वचस्तार इदं बभाषे ।
अलं विषादेन बिलं प्रविश्य; वसाम सर्वे यदि रोचते वः ॥
अन्वयः
तारः Tara, भयार्दितानाम् those shaken with fear, प्लवङ्गमानाम् of the monkeys, वचः words, श्रुत्वा after hearing, इदम् this, बभाषे he spoke, विषादेन with sorrow, अलम् enough, वः to you, रोचते यदि if it pleases you, सर्वे all of us, बिलम् cave, प्रविश्य after entering, वसाम let us reside.M N Dutt
Hearing the speeches of the monkeys afflicted with fear, Tārā said,-No use of indulging in grief. If you relish it, let us all entering the cave, dwell there.Summary
'On hearing the words of the frightened monkeys, Tara said, 'Enough of this sorrow. If it pleases you, we will all go to the cave and reside there' ''पदच्छेदः
| प्लवंगमानां | प्लवंगम (६.३) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| भयार्दितानां | भय–अर्दित (√अर्दय् + क्त, ६.३) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| वचस् | वचस् (२.१) |
| तार | तार (१.१) |
| इदं | इदम् (२.१) |
| बभाषे | बभाषे (√भाष् लिट् प्र.पु. एक.) |
| अलं | अलम् (अव्ययः) |
| विषादेन | विषाद (३.१) |
| बिलं | बिल (२.१) |
| प्रविश्य | प्रविश्य (√प्र-विश् + ल्यप्) |
| वसाम | वसाम (√वस् लोट् उ.पु. द्वि.) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| रोचते | रोचते (√रुच् लट् प्र.पु. एक.) |
| वः | त्वद् (२.३) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्ल | वं | ग | मा | नां | तु | भ | या | र्दि | ता | नां |
| श्रु | त्वा | व | च | स्ता | र | इ | दं | ब | भा | षे |
| अ | लं | वि | षा | दे | न | बि | लं | प्र | वि | श्य |
| व | सा | म | स | र्वे | य | दि | रो | च | ते | वः |