अन्वयः
धर्मचारिणि a woman of righteous practices, सुग्रीवभयकर्शितान् who are afraid of Sugriva, नः us, सर्वान् all, त्रातुम् to save, अर्हसि should, अस्माभिः by us, महत् great, कार्यं च task also, कर्तव्यम् should be done, इह now, वासिभिः staying here, अस्माभिः by us, तत् that, कार्यं चापि the objective, न कृतम् not accomplished.
M N Dutt
But if we stay here, that work of ours shall remain unaccomplished.
Summary
'O righteous lady we have a great task waiting. We are afraid of Sugriva as we could not accomplish our objective by staying here. Save us.'
पदच्छेदः
| महच् | महत् (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| कार्यम् | कार्य (१.१) |
| अस्माभिः | मद् (३.३) |
| कर्तव्यं | कर्तव्य (√कृ + कृत्, १.१) |
| धर्मचारिणि | धर्म–चारिन् (८.१) |
| तच् | तद् (१.१) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| न | न (अव्ययः) |
| कृतं | कृत (√कृ + क्त, १.१) |
| कार्यम् | कार्य (१.१) |
| अस्माभिर् | मद् (३.३) |
| इह | इह (अव्ययः) |
| वासिभिः | वासिन् (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| म | ह | च्च | का | र्य | म | स्मा | भिः |
| क | र्त | व्यं | ध | र्म | चा | रि | णि |
| त | च्चा | पि | न | कृ | तं | का | र्य |
| म | स्मा | भि | रि | ह | वा | सि | भिः |