अन्वयः
ततः then, राघवः Rama, मम my, पितृव्येण with my father's brother, महात्मना by the great self, सुग्रीवेण with Sugriva, सख्यम् friendship, चकार made, सः he, Rama, पितरम् my father, अवधीत् killed.
M N Dutt
Then Rāghava made friends with my uncle, the high-souled Sugrīva; and he also slew my sire.
Summary
'Then Rama made friendship with my father's brother, great self Sugriva and killed my father.
पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| मम | मद् (६.१) |
| पितृव्येण | पितृव्य (३.१) |
| सुग्रीवेण | सुग्रीव (३.१) |
| महात्मना | महात्मन् (३.१) |
| चकार | चकार (√कृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| राघवः | राघव (१.१) |
| सख्यं | सख्य (२.१) |
| सो | तद् (१.१) |
| ऽवधीत् | अवधीत् (√वध् प्र.पु. एक.) |
| पितरं | पितृ (२.१) |
| मम | मद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तो | म | म | पि | तृ | व्ये | ण |
| सु | ग्री | वे | ण | म | हा | त्म | ना |
| च | का | र | रा | घ | वः | स | ख्यं |
| सो | ऽव | धी | त्पि | त | रं | म | म |