पदच्छेदः
| जनकस्यात्मजां | जनक (६.१)–आत्मजा (२.१) |
| राज्ञस् | राजन् (६.१) |
| तस्यां | तद् (७.१) |
| द्रक्ष्यथ | द्रक्ष्यथ (√दृश् लृट् म.पु. द्वि.) |
| मैथिलीम् | मैथिली (२.१) |
| लङ्कायाम् | लङ्का (७.१) |
| अथ | अथ (अव्ययः) |
| गुप्तायां | गुप्त (√गुप् + क्त, ७.१) |
| सागरेण | सागर (३.१) |
| समन्ततः | समन्ततः (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ज | न | क | स्या | त्म | जां | रा | ज्ञ |
| स्त | स्यां | द्र | क्ष्य | थ | मै | थि | लीम् |
| ल | ङ्का | या | म | थ | गु | प्ता | यां |
| सा | ग | रे | ण | स | म | न्त | तः |