अन्वयः
जटायुः Jatayu, माम् to me, अनापृच्छ्य without taking leave, महीम् to the earth, निपपात fell down, ततः then, अहम् I, तम् him, दृष्ट्वा after seeing, तूर्णम् quickly, आत्मानम् myself, आकाशात् from the sky, मुक्तवान् came down.
Summary
'Without taking leave of me Jatayu descended down to the earth. Seeing that, I also followed him down quickly from the sky.
पदच्छेदः
| जटायुर् | जटायुस् (१.१) |
| माम् | मद् (२.१) |
| अनापृच्छ्य | अनापृच्छ्य (अव्ययः) |
| निपपात | निपपात (√नि-पत् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महीं | मही (२.१) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| तं | तद् (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| तूर्णम् | तूर्णम् (अव्ययः) |
| आकाशाद् | आकाश (५.१) |
| आत्मानं | आत्मन् (२.१) |
| मुक्तवान् | मुक्तवत् (√मुच् + क्तवतु, १.१) |
| अहम् | मद् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ज | टा | यु | र्मा | म | ना | पृ | च्छ्य |
| नि | प | पा | त | म | हीं | त | तः |
| तं | दृ | ष्ट्वा | तू | र्ण | मा | का | शा |
| दा | त्मा | नं | मु | क्त | वा | न | हम् |