अन्वयः
कस्य whose, प्रसादात् grace, संहृष्टा: happily, रामं च Rama and, महाबलम् mighty, लक्ष्मणं च Lakshmana also, वनौकसम् forester, सुग्रीवं च even Sugriva, अभिगच्छेम can we approach.
Summary
'By whose grace shall we approach Rama and Lakshmana and even the monkey king Sugriva happily?
पदच्छेदः
| कस्य | क (६.१) |
| प्रसादाद् | प्रसाद (५.१) |
| रामं | राम (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| लक्ष्मणं | लक्ष्मण (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| महाबलम् | महत्–बल (२.१) |
| अभिगच्छेम | अभिगच्छेम (√अभि-गम् विधिलिङ् उ.पु. द्वि.) |
| संहृष्टाः | संहृष्ट (√सम्-हृष् + क्त, १.३) |
| सुग्रीवं | सुग्रीव (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| महाबलम् | महत्–बल (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क | स्य | प्र | सा | दा | द्रा | मं | च |
| ल | क्ष्म | णं | च | म | हा | ब | लम् |
| अ | भि | ग | च्छे | म | सं | हृ | ष्टाः |
| सु | ग्री | वं | च | म | हा | ब | लम् |