अन्वयः
अनिन्दिताम् blameless lady, ताम् her, गतात्मा lost his self, सः मारुतः that wind god, मन्मथाविष्टसर्वाङ्गः his whole body overpowered by love, दीर्घाभ्याम् with long ones, भुजाभ्याम् with shoulders, ताम् her, पर्यष्वजत embraced her.
Summary
'The Windgod lost his control over himself. His whole being was overpowered by love for her beautiful, flawless body. He embraced her with his long arms.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तां | तद् (२.१) |
| भुजाभ्यां | भुज (३.२) |
| पीनाभ्यां | पीन (३.२) |
| पर्यष्वजत | पर्यष्वजत (√परि-स्वज् लङ् प्र.पु. एक.) |
| मारुतः | मारुत (१.१) |
| मन्मथाविष्टसर्वाङ्गो | मन्मथ–आविष्ट (√आ-विश् + क्त)–सर्व–अङ्ग (१.१) |
| गतात्मा | गत (√गम् + क्त)–आत्मन् (१.१) |
| ताम् | तद् (२.१) |
| अनिन्दिताम् | अनिन्दित (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | तां | भु | जा | भ्यां | पी | ना | भ्यां |
| प | र्य | ष्व | ज | त | मा | रु | तः |
| म | न्म | था | वि | ष्ट | स | र्वा | ङ्गो |
| ग | ता | त्मा | ता | म | नि | न्दि | ताम् |