अन्वयः
ततः thereafter, हनूमानपि Hanuman also, आसीनौ seated, तौ both Rama and Sugriva, दृष्ट्वा seeing, सालशाखाम् a branch of sala tree, समुत्पाट्य broke, विनीतम् obedient, लक्ष्मणम् Lakshmana, उपवेशयत् made him sit.
M N Dutt
Seeing them seated, Hanumān breaking off a branch of śāla, humbly made Lakşmaņa sit down.
Summary
Thereafter Hanuman also broke a branch of the sala tree and seated Lakshmana on it.
पदच्छेदः
| ताव् | तद् (२.२) |
| आसीनौ | आसीन (√आस् + क्त, २.२) |
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| हनूमान् | हनुमन्त् (१.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| लक्ष्मणम् | लक्ष्मण (२.१) |
| सालशाखां | साल–शाखा (२.१) |
| समुत्पाट्य | समुत्पाट्य (√समुत्-पाटय् + ल्यप्) |
| विनीतम् | विनीत (√वि-नी + क्त, २.१) |
| उपवेशयत् | उपवेशयत् (√उप-वेशय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ता | वा | सी | नौ | त | तो | दृ | ष्ट्वा |
| ह | नू | मा | न | पि | ल | क्ष्म | णम् |
| सा | ल | शा | खां | स | मु | त्पा | ट्य |
| वि | नी | त | मु | प | वे | श | यत् |