अन्वयः
आढ्यो वापि whether a rich man, दरिद्रो वा or poor, दुःखितः or sad one, सुखितोऽपि वा or a happy man, निर्दोषो flawless one, सदोषः guilty, वयस्यः a friend, परमा ultimate, गतिः refuge.
M N Dutt
Whether rich or poor, happy or miserable, good or bad, a friend is the greatest refuge (of his friend).
Summary
'Whether rich or poor, afflicted or happy, flawless or guilty, a friend is the ultimate refuge to a friend.
पदच्छेदः
| आढ्यो | आढ्य (१.१) |
| वापि | वा (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| दरिद्रो | दरिद्र (१.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| दुःखितः | दुःखित (१.१) |
| सुखितो | सुखित (१.१) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| निर्दोषो | निर्दोष (१.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| सदोषो | स (अव्ययः)–दोष (१.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| वयस्यः | वयस्य (१.१) |
| परमा | परम (१.१) |
| गतिः | गति (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| आ | ढ्यो | वा | पि | द | रि | द्रो | वा |
| दुः | खि | तः | सु | खि | तो | ऽपि | वा |
| नि | र्दो | षो | वा | स | दो | षो | वा |
| व | य | स्यः | प | र | मा | ग | तिः |