अन्वयः
स्नेहम् friendship, तथाविधम् that kind, दृष्ट्वा after finding, वयस्यार्थे for the sake of a friend, धनत्यागः to sacrifice wealth, सुखत्यागः to sacrifice happiness, देहत्यागोऽपि वा or sacrifice even life, प्रवर्तन्ते undertake
M N Dutt
Witnessing such affection, people can, O sinless one, forsake wealth, comfort, and even their native land for the sake of their friends.
Summary
'One will not hesitate to sacrifice wealth or happiness or even life for the sake of a friend like you.'
पदच्छेदः
| धनत्यागः | धन–त्याग (१.१) |
| सुखत्यागो | सुख–त्याग (१.१) |
| देहत्यागो | देह–त्याग (१.१) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
| वयस्यार्थे | वयस्य–अर्थ (७.१) |
| प्रवर्तन्ते | प्रवर्तन्ते (√प्र-वृत् लट् प्र.पु. बहु.) |
| स्नेहं | स्नेह (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| तथाविधम् | तथाविध (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ध | न | त्या | गः | सु | ख | त्या | गो |
| दे | ह | त्या | गो | ऽपि | वा | पु | नः |
| व | य | स्या | र्थे | प्र | व | र्त | न्ते |
| स्ने | हं | दृ | ष्ट्वा | त | था | वि | धम् |