अन्वयः
सुग्रीव O Sugriva, अहम् I, तत्र there, प्रविश्य after entering, सहसा at once, रिपुम् the enemy, यावत् निहन्मि till I kill, समाहितः being alert, अद्य now, इह here, बिलद्वारि at the hole, तिष्ठ you wait, त्वम् yourself.
M N Dutt
Do you, O Sugriva, carefully stay at the mouth of the hole, while I entering in, slay my foe in battle.
Summary
'O Sugriva wait here at the entrance of the cave and be on your alert until I enter this hole and kill the enemy'.
पदच्छेदः
| इह | इह (अव्ययः) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| तिष्ठ | तिष्ठ (√स्था लोट् म.पु. ) |
| सुग्रीव | सुग्रीव (८.१) |
| बिलद्वारि | बिल–द्वार् (७.१) |
| समाहितः | समाहित (१.१) |
| यावद् | यावत् (अव्ययः) |
| अत्र | अत्र (अव्ययः) |
| प्रविश्याहं | प्रविश्य (√प्र-विश् + ल्यप्)–मद् (१.१) |
| निहन्मि | निहन्मि (√नि-हन् लट् उ.पु. ) |
| समरे | समर (७.१) |
| रिपुम् | रिपु (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | ह | त्वं | ति | ष्ठ | सु | ग्री | व |
| बि | ल | द्वा | रि | स | मा | हि | तः |
| या | व | द | त्र | प्र | वि | श्या | हं |
| नि | ह | न्मि | स | म | रे | रि | पुम् |