अन्वयः
तदा then, प्रसुप्त was sleeping, मम भ्राता my brother, वाली Vali, नर्दतः shouting, भैरवस्वनम् frightful sound, श्रुत्वा after hearing, न ममृषे did not tolerate, जवात् hastily, निष्पपात jumped out.
M N Dutt
My brother, who was fast asleep, hearing those dreadful yells, could not bear them; but at once rushed out vehemently.
Summary
' My brother Vali, who was asleep could not tolerate the frightful sound and jumped out of bed hastily.
पदच्छेदः
| प्रसुप्तस् | प्रसुप्त (√प्र-स्वप् + क्त, १.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| मम | मद् (६.१) |
| भ्राता | भ्रातृ (१.१) |
| नर्दितं | नर्दित (√नर्द् + क्त, २.१) |
| भैरवस्वनम् | भैरव–स्वन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| न | न (अव्ययः) |
| ममृषे | ममृषे (√मृष् लिट् प्र.पु. एक.) |
| वाली | वालिन् (१.१) |
| निष्पपात | निष्पपात (√निः-पत् लिट् प्र.पु. एक.) |
| जवात् | जव (५.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प्र | सु | प्त | स्तु | म | म | भ्रा | ता |
| न | र्दि | तं | भै | र | व | स्व | नम् |
| श्रु | त्वा | न | म | मृ | षे | वा | ली |
| नि | ष्प | पा | त | ज | वा | त्त | दा |