अन्वयः
कपिपीडितः pressed firmly by Hanuman, सः अचलश्चापि that mountain also, मुहूर्तम् for a moment, चचाल was shaken, पुष्पिताग्राणाम् flowers on the top, तरूणाम् of trees, सर्वम् all, पुष्पम् flowers, अशातयत् dropped down.
Summary
Pressed firmly by Hanuman, the mountain was shaken for a moment which caused the flowers to drop down from the tree tops.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| चचालाचलाश्चारु | चचाल (√चल् लिट् प्र.पु. एक.)–अचल (१.३)–चारु (२.१) |
| मुहूर्तं | मुहूर्त (२.१) |
| कपिपीडितः | कपि–पीडित (√पीडय् + क्त, १.१) |
| तरूणां | तरु (६.३) |
| पुष्पिताग्राणां | पुष्पित–अग्र (६.३) |
| सर्वं | सर्व (२.१) |
| पुष्पम् | पुष्प (२.१) |
| अशातयत् | अशातयत् (√शातय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | च | चा | ला | च | ला | श्चा | रु |
| मु | हू | र्तं | क | पि | पी | डि | तः |
| त | रू | णां | पु | ष्पि | ता | ग्रा | णां |
| स | र्वं | पु | ष्प | म | शा | त | यत् |