अन्वयः
उत्तमवीर्येण by the highly valiant self, तेन by him, पीड्यमानः pressed very hard, सः पर्वतः that mountain, मत्तः intoxicated, द्विपः elephant, मदम् इव like the rut, सलिलम् the water, सम्प्रसुस्राव exuded profusely.
Summary
The mountain pressed hard under the feet of the valiant (Hanuman), discharged streams of water just as an elephant in rut would exude water of intoxication.
पदच्छेदः
| तेन | तद् (३.१) |
| चोत्तमवीर्येण | च (अव्ययः)–उत्तम–वीर्य (३.१) |
| पीड्यमानः | पीड्यमान (√पीडय् + शानच्, १.१) |
| स | तद् (१.१) |
| पर्वतः | पर्वत (१.१) |
| सलिलं | सलिल (२.१) |
| सम्प्रसुस्राव | सम्प्रसुस्राव (√सम्प्र-स्रु लिट् प्र.पु. एक.) |
| मदं | मद (२.१) |
| मत्त | मत्त (√मद् + क्त, १.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| द्विपः | द्विप (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | न | चो | त्त | म | वी | र्ये | ण |
| पी | ड्य | मा | नः | स | प | र्व | तः |
| स | लि | लं | सं | प्र | सु | स्रा | व |
| म | दं | म | त्त | इ | व | द्वि | पः |