अन्वयः
सुरसया by Surasa,एवम् In that way, उक्तः spoken, श्रीमान् glorious, वानरर्षभः वहतत bull among vanaras, प्रहृष्टवदनः with a blooming face, प्राञ्जलिः with folded hands, इदं वचनम् these words, अब्रवीत् said.
Summary
Thus addressed by Surasa, the glorious Hanuman said this with a blooming face and folded hands:
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तः | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| सुरसया | सुरसा (३.१) |
| प्राञ्जलिर् | प्राञ्जलि (१.१) |
| वानरर्षभः | वानर–ऋषभ (१.१) |
| प्रहृष्टवदनः | प्रहृष्ट (√प्र-हृष् + क्त)–वदन (१.१) |
| श्रीमान् | श्रीमत् (१.१) |
| इदं | इदम् (२.१) |
| वचनम् | वचन (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्तः | सु | र | स | या |
| प्रा | ञ्ज | लि | र्वा | न | र | र्ष | भः |
| प्र | हृ | ष्ट | व | द | नः | श्री | मा |
| नि | दं | व | च | न | म | ब्र | वीत् |