अन्वयः
दशयोजनम् ten yojanas, आयतम् wide, मेघसङ्काशम् like a cloud, तम् him, दृष्ट्वा after seeing, सुरसा च Surasa too, आस्यम् her mouth, विंशद्योजनम् twenty yojanas, आयतम् wide, चकार stretched.
Summary
Seeing his body stretched to ten yojanas like a cloud, Surasa also widened her mouth to twenty yojanas.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| मेघसंकाशं | मेघ–संकाश (२.१) |
| दशयोजनम् | दशन्–योजन (२.१) |
| आयतम् | आयत (√आ-यम् + क्त, २.१) |
| चकार | चकार (√कृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| सुरसाप्यास्यं | सुरसा (१.१)–अपि (अव्ययः)–आस्य (२.१) |
| विंशद्योजनम् | विंशत्–योजन (२.१) |
| आयतम् | आयत (√आ-यम् + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | दृ | ष्ट्वा | मे | घ | सं | का | शं |
| द | श | यो | ज | न | मा | य | तम् |
| च | का | र | सु | र | सा | प्या | स्यं |
| विं | श | द्यो | ज | न | मा | य | तम् |