अन्वयः
गुहाविष्टानि of the caves, भूतानि creatures, पीड्यमानेन being pressed, गिरिणा by the mountain, सर्वतः all over, पीड्यमानानि on account of pressing, विकृतैः with horrible, स्वरैः voices, विनेदुः shrieked.
Summary
Squeezed on all sides of the mountain by Hanuman, all creatures living in the caves shrieked making horrible sounds .
पदच्छेदः
| गिरिणा | गिरि (३.१) |
| पीड्यमानेन | पीड्यमान (√पीडय् + शानच्, ३.१) |
| पीड्यमानानि | पीड्यमान (√पीडय् + शानच्, १.३) |
| सर्वशः | सर्वशस् (अव्ययः) |
| गुहाविष्टानि | गुहा–आविष्ट (√आ-विश् + क्त, १.३) |
| भूतानि | भूत (१.३) |
| विनेदुर् | विनेदुः (√वि-नद् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| विकृतैः | विकृत (√वि-कृ + क्त, ३.३) |
| स्वरैः | स्वर (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| गि | रि | णा | पी | ड्य | मा | ने | न |
| पी | ड्य | मा | ना | नि | स | र्व | शः |
| गु | हा | वि | ष्टा | नि | भू | ता | नि |
| वि | ने | दु | र्वि | कृ | तैः | स्व | रैः |