अन्वयः
वेगेन speedily, गरुडोपमः like Garuda, सः he, अनाधृष्यम् invincible, वरुणालयम् abode of varuna, सागरम् ocean, अभ्येत्य piercing through, आकाशम् sky, आविश्य coursing, जगाम went.
Summary
Rising above the invincible ocean, the abode of lord Varuna, Hanuman coursed through the sky speedily like Garuda.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| सागरम् | सागर (२.१) |
| अनाधृष्यम् | अनाधृष्य (२.१) |
| अभ्येत्य | अभ्येत्य (√अभ्या-इ + ल्यप्) |
| वरुणालयम् | वरुणालय (२.१) |
| जगामाकाशम् | जगाम (√गम् लिट् प्र.पु. एक.)–आकाश (२.१) |
| आविश्य | आविश्य (√आ-विश् + ल्यप्) |
| वेगेन | वेग (३.१) |
| गरुडोपमः | गरुड–उपम (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | सा | ग | र | म | ना | धृ | ष्य |
| म | भ्ये | त्य | व | रु | णा | ल | यम् |
| ज | गा | मा | का | श | मा | वि | श्य |
| वे | गे | न | ग | रु | णो | प | मः |