पदच्छेदः
| वज्राशनिसमाघातैः | वज्र–अशनि–समाघात (३.३) |
| पावकैर् | पावक (३.३) |
| उपशोभिते | उपशोभित (√उप-शोभय् + क्त, ७.१) |
| कृतपुण्यैर् | कृत (√कृ + क्त)–पुण्य (३.३) |
| महाभागैः | महाभाग (३.३) |
| अलंकृते | अलंकृत (√अलम्-कृ + क्त, ७.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| व | ज्रा | श | नि | स | मा | घा | तैः |
| पा | व | कै | रु | प | शो | भि | ते |
| कृ | त | पु | ण्यै | र्म | हा | भा | गैः |
| स्व | र्ग | जि | द्भि | र | लं | कृ | ते |