अन्वयः
सर्पाः snakes, व्यक्तस्वस्तिकलक्षणैः with signs of swastika marks, पृथुभिः by wide ones, शिरोभिः with hoods, घोरम् terrible, पावकम् fire, वमन्तः poured out, दशनैः with fangs, शिलाः ददंशुः bit the rocks.
Summary
The snakes spread out their broad hoods manifesting swastika marks on them and bit the rocks with their fangs pouring out terrible fire.
पदच्छेदः
| शिरोभिः | शिरस् (३.३) |
| पृथुभिः | पृथु (३.३) |
| सर्पा | सर्प (१.३) |
| व्यक्तस्वस्तिकलक्षणैः | व्यक्त–स्वस्तिक–लक्षण (३.३) |
| वमन्तः | वमत् (√वम् + शतृ, १.३) |
| पावकं | पावक (२.१) |
| घोरं | घोर (२.१) |
| ददंशुर् | ददंशुः (√दंश् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| दशनैः | दशन (३.३) |
| शिलाः | शिला (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| शि | रो | भिः | पृ | थु | भिः | स | र्पा |
| व्य | क्त | स्व | स्ति | क | ल | क्ष | णैः |
| व | म | न्तः | पा | व | कं | घो | रं |
| द | दं | शु | र्द | श | नैः | शि | लाः |