अन्वयः
तस्य his, ताम्रम् copperred, मुखम् face, ताम्रया by the red colour, नासिकया of the nose, सन्ध्यया by twilight, समभिस्पृष्टम् coming close, तत् that, सूर्यमण्डलं यथा like the Sun's orb, आबभौ appeared.
Summary
By the reflection of his copperyred nose, his face looked red like the Sun's orb coming close at twilight.
पदच्छेदः
| मुखं | मुख (१.१) |
| नासिकया | नासिका (३.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| ताम्रया | ताम्र (३.१) |
| ताम्रम् | ताम्र (१.१) |
| आबभौ | आबभौ (√आ-भा लिट् प्र.पु. एक.) |
| संध्यया | संध्या (३.१) |
| समभिस्पृष्टं | समभिस्पृष्ट (√समभि-स्पृश् + क्त, १.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| सूर्यस्य | सूर्य (६.१) |
| मण्डलम् | मण्डल (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मु | खं | ना | सि | क | या | त | स्य |
| ता | म्र | या | ता | म्र | मा | ब | भौ |
| सं | ध्य | या | स | म | भि | स्पृ | ष्टं |
| य | था | सू | र्य | स्य | म | ण्ड | लम् |