अन्वयः
भ्रातरौ both brothers, विनष्टौ dead, श्रुत्वा after hearing, भरतोऽपि Bharata also, मरिष्यति will die, मृतम् dead, भरतम् of Bharata, दृष्ट्वा on seeing, शत्रुघ्नश्च even Satrughna, न भविष्यति will not live.
M N Dutt
And hearing that his two brothers are dead, Bharata also shall give up existence. And seeing Bharata dead, Śatrughna shall also renounce his life.
Summary
"On hearing the death of both the brothers Bharata will also die. On seeing this Satrughna will also not live.
पदच्छेदः
| विनष्टौ | विनष्ट (√वि-नश् + क्त, २.२) |
| भ्रातरौ | भ्रातृ (२.२) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| भरतो | भरत (१.१) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| मरिष्यति | मरिष्यति (√मृ लृट् प्र.पु. एक.) |
| भरतं | भरत (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| मृतं | मृत (√मृ + क्त, २.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| शत्रुघ्नो | शत्रुघ्न (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| भविष्यति | भविष्यति (√भू लृट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | न | ष्टौ | भ्रा | त | रौ | श्रु | त्वा |
| भ | र | तो | ऽपि | म | रि | ष्य | ति |
| भ | र | तं | च | मृ | तं | दृ | ष्ट्वा |
| श | त्रु | घ्नो | न | भ | वि | ष्य | ति |