अन्वयः
सम्पातिवचनात् on Sampati's words, अहम् I, रामम् Rama, आनयामि यदि if I had brought, राघवः Raghava, भार्याम् wife, अपश्यन् unable to see, सर्ववानरान् all vanaras, निर्दहेत् would have burnt.
M N Dutt
If in consonance with Sampat's speech, I bring Rāma hither, Rāghava, not seeing his wife, shall burn all the monkeys.
Summary
"Had I brought Raghava following the words of Sampati, Rama would have burnt all vanaras unable to find his wife.
पदच्छेदः
| संपातिवचनाच्चापि | सम्पाति–वचन (५.१)–च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| रामं | राम (२.१) |
| यद्यानयाम्यहम् | यदि (अव्ययः)–आनयामि (√आ-नी लट् उ.पु. )–मद् (१.१) |
| अपश्यन् | अपश्यत् (१.१) |
| राघवो | राघव (१.१) |
| भार्यां | भार्या (२.१) |
| निर्दहेत् | निर्दहेत् (√निः-दह् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| सर्ववानरान् | सर्व–वानर (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सं | पा | ति | व | च | ना | च्चा | पि |
| रा | मं | य | द्या | न | या | म्य | हम् |
| अ | प | श्य | न्रा | घ | वो | भा | र्यां |
| नि | र्द | हे | त्स | र्व | वा | न | रान् |