अन्वयः
व्रीडिताम् she was bashful, दुःखसन्तप्ताम् she was tormented with agony, परिम्लानाम् withered, तपस्विनीम् a helpless lady, अङ्गारकेण ग्रहेण by the planet Mars, पीडिताम् tormented, रोहिणीम् इव like the Rohini star.
M N Dutt
Oppressed, racked with grief, weakened and chaste as she was, she appeared like Rohini possessed by Ketu.
Summary
She was bashful, tormented with agony, dejected with a withered look. She appeared like the star Rohini oppressed by planet Mars.
पदच्छेदः
| व्रीडितां | व्रीडित (√व्रीड् + क्त, २.१) |
| दुःखसंतप्तां | दुःख–संतप्त (√सम्-तप् + क्त, २.१) |
| परिम्लानां | परिम्लान (√परि-म्ला + क्त, २.१) |
| तपस्विनीम् | तपस्विनी (२.१) |
| ग्रहेणाङ्गारकेणैव | ग्रह (३.१)–अङ्गारक (३.१)–एव (अव्ययः) |
| पीडिताम् | पीडित (√पीडय् + क्त, २.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| रोहिणीम् | रोहिणी (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| व्री | डि | तां | दुः | ख | सं | त | प्तां |
| प | रि | म्ला | नां | त | प | स्वि | नीम् |
| ग्र | हे | णा | ङ्गा | र | के | णै | व |
| पी | डि | ता | मि | व | रो | हि | णीम् |