अन्वयः
भीरु a timid lady, लोकेभ्यः from the worlds, यानि those, रत्नानि gems, सम्प्रमथ्य by force, आहृतानि brought, वै indeed, तानि those, सर्वाणि all of them, मे myself, एतत् this, राज्यम् this kingdom, अहं च and I, ते to you.
M N Dutt
O timid one, all the jewels that I have collected from the three worlds, and all my kingdom I shall confer on you.
Summary
"O timid lady, gems brought forcibly from all the worlds, this kingdom as well as myself are yours.
पदच्छेदः
| लोकेभ्यो | लोक (५.३) |
| यानि | यद् (२.३) |
| रत्नानि | रत्न (२.३) |
| सम्प्रमथ्याहृतानि | सम्प्रमथ्य (√सम्प्र-मथ् + ल्यप्)–आहृत (√आ-हृ + क्त, २.३) |
| मे | मद् (६.१) |
| तानि | तद् (१.३) |
| ते | तद् (१.३) |
| भीरु | भीरु (८.१) |
| सर्वाणि | सर्व (१.३) |
| राज्यं | राज्य (१.१) |
| चैतद् | च (अव्ययः)–एतद् (१.१) |
| अहं | मद् (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| ते | त्वद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| लो | के | भ्यो | या | नि | र | त्ना | नि |
| सं | प्र | म | थ्या | हृ | ता | नि | मे |
| ता | नि | ते | भी | रु | स | र्वा | णि |
| रा | ज्यं | चै | त | द | हं | च | ते |