अन्वयः
लोकनाथस्य of the lord of the people, तस्य his, सत्कृतम् an honourable one, भुजम् arm, उपधाय having used as a pillow, अन्यस्य others, कस्य चित् of any one, भुजम् arm, कथं नाम how can I, उपधास्यामि will I rest.
M N Dutt
Having laid my head on the beautiful arms of that lord of men, how shall I place it again on another's?
Summary
"How can I pillow on somebody's arm after resting on the honourable arm of the great lord of the worlds ?
पदच्छेदः
| उपधाय | उपधाय (√उप-धा + ल्यप्) |
| भुजं | भुज (२.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| लोकनाथस्य | लोक–नाथ (६.१) |
| सत्कृतम् | सत्कृत (√सत्-कृ + क्त, २.१) |
| कथं | कथम् (अव्ययः) |
| नामोपधास्यामि | नाम (अव्ययः)–उपधास्यामि (√उप-धा लृट् उ.पु. ) |
| भुजम् | भुज (२.१) |
| अन्यस्य | अन्य (६.१) |
| कस्यचित् | कश्चित् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | प | धा | य | भु | जं | त | स्य |
| लो | क | ना | थ | स्य | स | त्कृ | तम् |
| क | थं | ना | मो | प | धा | स्या | मि |
| भु | ज | म | न्य | स्य | क | स्य | चित् |