न मां प्रार्थयितुं युक्तस्त्वं सिद्धिमिव पापकृत् ।
अकार्यं न मया कार्यमेकपत्न्या विगर्हितम् ।
कुलं संप्राप्तया पुण्यं कुले महति जातया ॥
न मां प्रार्थयितुं युक्तस्त्वं सिद्धिमिव पापकृत् ।
अकार्यं न मया कार्यमेकपत्न्या विगर्हितम् ।
कुलं संप्राप्तया पुण्यं कुले महति जातया ॥
अन्वयः
महति high, कुले lineage, जातया born, पुण्यम् meritorious, कुलम् family, सम्प्राप्तया joined by virtue of marriage, एकपत्न्या a woman devoted to a single husband, मया by me, विगर्हितम् contemptible, अकार्यम् forbidden act, न कार्यम् not to be done.M N Dutt
Like to a sinner unworthy of praying for final emancipation, it dose not behove you to expect to come by me. Devoted to one husband I shall never perpetrate such an iniquitous act.Summary
"I was born of high lineage and joined a meritorious family by virtue of my marriage. I am devoted only to my husband. I should not commit this contemptible, forbidden act."पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| मां | मद् (२.१) |
| प्रार्थयितुं | प्रार्थयितुम् (√प्र-अर्थय् + तुमुन्) |
| युक्तस्त्वं | युक्त (√युज् + क्त, १.१)–त्वद् (१.१) |
| सिद्धिम् | सिद्धि (२.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| पापकृत् | पाप–कृत् (१.१) |
| अकार्यं | अकार्य (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| मया | मद् (३.१) |
| कार्यम् | कार्य (√कृ + कृत्, १.१) |
| एकपत्न्या | एकपत्नी (३.१) |
| विगर्हितम् | विगर्हित (√वि-गर्ह् + क्त, १.१) |
| कुलं | कुल (२.१) |
| सम्प्राप्तया | सम्प्राप्त (√सम्प्र-आप् + क्त, ३.१) |
| पुण्यं | पुण्य (२.१) |
| कुले | कुल (७.१) |
| महति | महत् (७.१) |
| जातया | जात (√जन् + क्त, ३.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | मां | प्रा | र्थ | यि | तुं | यु | क्त | स्त्वं | सि | द्धि | मि |
| व | पा | प | कृत् | अ | का | र्यं | न | म | या | का | र्य |
| मे | क | प | त्न्या | वि | ग | र्हि | तम् | कु | लं | सं | प्रा |
| प्त | या | पु | ण्यं | कु | ले | म | ह | ति | जा | त | या |