पदच्छेदः
| तोरणैः | तोरण (३.३) |
| काञ्चनैर् | काञ्चन (३.३) |
| दिव्यैर् | दिव्य (३.३) |
| लतापङ्क्तिविचित्रितैः | लता–पङ्क्ति–विचित्रित (३.३) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| हनुमांल् | हनुमन्त् (१.१) |
| लङ्कां | लङ्का (२.१) |
| दिवि | दिव् (७.१) |
| देवपुरीम् | देव–पुरी (२.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तो | र | णैः | का | ञ्च | नै | र्दि | व्यै |
| र्ल | ता | प | ङ्क्ति | वि | चि | त्रि | तैः |
| द | द | र्श | ह | नु | मा | ल्ल | ङ्कां |
| दि | वि | दे | व | पु | री | मि | व |