अन्वयः
राक्षस्या by the demon, एवम् in that way, उक्तः having been addressed, बली powerful, मेघसङ्काशः appearing like a cloud, सः he, राक्षसः demon, ततः then, समुत्क्षिप्तः turned away, प्रहसन् laughing heartily, न्यवर्तत went back.
M N Dutt
Having said this, the Rākşasī took away Rāvana by force. And that Rākşasa too, resembling a mass of clouds, laughing, turned back.
Summary
Having heard her words, the demon king who resembled a fierce dark cloud turned away, laughing heartily.
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तस्तु | उक्त (√वच् + क्त, १.१)–तु (अव्ययः) |
| राक्षस्या | राक्षसी (३.१) |
| समुत्क्षिप्तस्ततो | समुत्क्षिप्त (√समुत्-क्षिप् + क्त, १.१)–ततस् (अव्ययः) |
| बली | बलिन् (१.१) |
| ज्वलद्भास्करवर्णाभं | ज्वलत् (√ज्वल् + शतृ)–भास्कर–वर्ण–आभ (२.१) |
| प्रविवेश | प्रविवेश (√प्र-विश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| निवेशनम् | निवेशन (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्त | स्तु | रा | क्ष | स्या |
| स | मु | त्क्षि | प्त | स्त | तो | ब | ली |
| ज्व | ल | द्भा | स्क | र | व | र्णा | भं |
| प्र | वि | वे | श | नि | वे | श | नम् |