अन्वयः
ततः then, एकजटा नाम called Ekajata, राक्षसी shedemon, क्रोधाताम्राक्षी eyes red with anger, करतलोदरीम् with a belly of the size of the palm, सीताम् Sita, आमन्त्य्र having called, वाक्यम् these words, अब्रवीत् spoke.
Summary
Then Ekajata, a shedemon of hideous looks, eyes red with anger and a belly of the size of the palm said to Sita:
पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| हरिजटा | हरिजटा (१.१) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| राक्षसी | राक्षसी (१.१) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| विवृत्य | विवृत्य (√वि-वृ + ल्यप्) |
| नयने | नयन (२.२) |
| कोपान्मार्जारसदृशेक्षणा | कोप (५.१)–मार्जार–सदृश–ईक्षण (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तो | ह | रि | ज | टा | ना | म |
| रा | क्ष | सी | वा | क्य | म | ब्र | वीत् |
| वि | वृ | त्य | न | य | ने | को | पा |
| न्मा | र्जा | र | स | दृ | शे | क्ष | णा |