अन्वयः
सीते O Sita, प्रीतिं च and love, हर्षं च happiness, भज adopt, एताम् this, नित्यदैन्यताम् being dejected always, त्यज give up, राक्षसराजेन सह along with the demon king, यथासुखम् as you please, क्रीड you enjoy.
Summary
'O Sita offer your love to Ravana, adore him and be happy. Give up this continuous dejection. Enjoy all pleasures along with the king of demons.
पदच्छेदः
| भज | भज (√भज् लोट् म.पु. ) |
| प्रीतिं | प्रीति (२.१) |
| प्रहर्षं | प्रहर्ष (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| त्यजैतां | त्यज (√त्यज् लोट् म.पु. )–एतद् (२.१) |
| नित्यदैन्यताम् | नित्य–दैन्यता (२.१) |
| सीते | सीता (८.१) |
| राक्षसराजेन | राक्षस–राज (३.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| क्रीड | क्रीड (√क्रीड् लोट् म.पु. ) |
| यथासुखम् | यथासुखम् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| भ | ज | प्री | तिं | प्र | ह | र्षं | च |
| त्य | जै | तां | नि | त्य | दै | न्य | ताम् |
| सी | ते | रा | क्ष | स | रा | जे | न |
| स | ह | क्री | ड | य | था | सु | खम् |