अन्वयः
महता with great, शोकेन by sorrow, अवृता filled, जीवितम् life, त्यक्तुम् to give up, इच्छामि I long, रामः Rama, मया by me, नासाद्यते reach, राक्षसीभिः by ogresses, सुरक्षिता I am wellguarded.
M N Dutt
I wish to renounce my life under this load of grief-but alas! I am surrounded by the Raks asis and cannot meet Rāma.
Summary
'I long to give up my life, afflicted with great grief, as I, wellguarded by these ogresses, have no hope to reach Rama.
पदच्छेदः
| जीवितं | जीवित (२.१) |
| त्यक्तुम् | त्यक्तुम् (√त्यज् + तुमुन्) |
| इच्छामि | इच्छामि (√इष् लट् उ.पु. ) |
| शोकेन | शोक (३.१) |
| महता | महत् (३.१) |
| वृता | वृत (√वृ + क्त, १.१) |
| राक्षसीभिश्च | राक्षसी (३.३)–च (अव्ययः) |
| रक्षन्त्या | रक्षत् (√रक्ष् + शतृ, ६.१) |
| रामो | राम (१.१) |
| नासाद्यते | न (अव्ययः)–आसाद्यते (√आ-सादय् प्र.पु. एक.) |
| मया | मद् (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| जी | वि | तं | त्य | क्तु | मि | च्छा | मि |
| शो | के | न | म | ह | ता | वृ | ता |
| रा | क्ष | सी | भि | श्च | र | क्ष | न्त्या |
| रा | मो | ना | सा | द्य | ते | म | या |