अन्वयः
पापकारिणः sinners, ये those, नैर्ऋताः demons, अकार्यम् a forbidden act, न जानन्ति they know not अधर्मात्तु due to adharma, सांप्रतम् presently, महोत्पातः calamity, भविष्यति will befall, पिशिताशनाः flesheating, एते these, राक्षसाः demons, धर्मम् dharma,न जानन्ति they are not aware.
Summary
"Nothing is forbidden for sinful demons. A calamity will befall now due to this adharma. The flesheating ogres are aware of neither dharma nor adharma
पदच्छेदः
| अकार्यं | अकार्य (२.१) |
| ये | यद् (१.३) |
| न | न (अव्ययः) |
| जानन्ति | जानन्ति (√ज्ञा लट् प्र.पु. बहु.) |
| नैरृताः | नैरृत (१.३) |
| पापकारिणः | पाप–कारिन् (१.३) |
| अधर्मात् | अधर्म (५.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| महोत्पातो | महत्–उत्पात (१.१) |
| भविष्यति | भविष्यति (√भू लृट् प्र.पु. एक.) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| साम्प्रतम् | सांप्रतम् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | का | र्यं | ये | न | जा | न | न्ति |
| नै | रृ | ताः | पा | प | का | रि | णः |
| अ | ध | र्मा | त्तु | म | हो | त्पा | तो |
| भ | वि | ष्य | ति | हि | सा | म्प्र | तम् |