अन्वयः
अहम् I, शरीरम् my body, विसृजामि I will leave, भिद्यताम् you cut me to pieces, भक्ष्यतां वापि or you eat me up, प्रियवर्जिता separated from my dear lord, अहम् I, चिरम् for long, दुःखम् sorrow, न च सहेयम् I cannot bear.
Summary
"I will give up my body. Break me into pieces or eat me up. I cannot bear the sorrow of separation from my dear Rama any longer.
पदच्छेदः
| भिद्यतां | भिद्यताम् (√भिद् लोट् प्र.पु. एक.) |
| भक्ष्यतां | भक्ष्यताम् (√भक्ष् प्र.पु. एक.) |
| वापि | वा (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| शरीरं | शरीर (२.१) |
| विसृजाम्यहम् | विसृजामि (√वि-सृज् लट् उ.पु. )–मद् (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| चाप्यहं | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः)–मद् (१.१) |
| चिरं | चिर (२.१) |
| दुःखं | दुःख (२.१) |
| सहेयं | सहेयम् (√सह् विधिलिङ् उ.पु. ) |
| प्रियवर्जिता | प्रिय–वर्जित (√वर्जय् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| भि | द्य | तां | भ | क्ष्य | तां | वा | पि |
| श | री | रं | वि | सृ | जा | म्य | हम् |
| न | चा | प्य | हं | चि | रं | दुः | खं |
| स | हे | यं | प्रि | य | व | र्जि | ता |