नूनं स कालो मृगरूपधारी; मामल्पभाग्यां लुलुभे तदानीम् ।
यत्रार्यपुत्रं विससर्ज मूढा; रामानुजं लक्ष्मणपूर्वकं च ॥
नूनं स कालो मृगरूपधारी; मामल्पभाग्यां लुलुभे तदानीम् ।
यत्रार्यपुत्रं विससर्ज मूढा; रामानुजं लक्ष्मणपूर्वकं च ॥
अन्वयः
नूनम् verily, सः such, कालः the spirit of time, मृगरूपधारी in the guise of a deer, तदानीम् then, अल्पभाग्याम् an unfortunate woman, माम् me, लुलुभे tempted, यत्र wherever, मूढा foolish, रामानुजम् Rama's brother, लक्ष्मणपूर्वजम् Lakshmana's elder brother, आर्यपुत्रं च son of a noble king, विससर्ज sent away.M N Dutt
Unfortunate as I am, forsooth I was tempted then by death wearing the shape of a deer and thus foolishly lost Rāma and Lakşmana, the sons of the worshipful sire.Summary
"Verily, it is the spirit of the time that assumed the form of deer and tempted this unfortunate soul. It was foolish of me to send away, the sons of a noble king, Lakshmana and his elder brother.पदच्छेदः
| नूनं | नूनम् (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| कालो | काल (१.१) |
| मृगरूपधारी | मृग–रूप–धारिन् (१.१) |
| माम् | मद् (२.१) |
| अल्पभाग्यां | अल्पभाग्य (२.१) |
| लुलुभे | लुलुभे (√लुभ् लिट् प्र.पु. एक.) |
| तदानीम् | तदानीम् (अव्ययः) |
| यत्रार्यपुत्रं | यत्र (अव्ययः)–आर्य–पुत्र (२.१) |
| विससर्ज | विससर्ज (√वि-सृज् लिट् प्र.पु. एक.) |
| मूढा | मूढ (√मुह् + क्त, १.१) |
| रामानुजं | राम–अनुज (२.१) |
| लक्ष्मणपूर्वकं | लक्ष्मण–पूर्वक (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नू | नं | स | का | लो | मृ | ग | रू | प | धा | री |
| मा | म | ल्प | भा | ग्यां | लु | लु | भे | त | दा | नीम् |
| य | त्रा | र्य | पु | त्रं | वि | स | स | र्ज | मू | ढा |
| रा | मा | नु | जं | ल | क्ष्म | ण | पू | र्व | कं | च |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||