अन्वयः
विवस्वतः Sun's, तनूजस्य of the son, हरेः monkey's, कुशपर्वणः of Kushaparva, कपिमुख्यस्य of the chief of vanaras, केतुमालस्य Ketumala, ऋक्षस्य Riksha (Jambavan) also, मम चैव for me also, गतिः within reach, भवेत् will be.
Summary
'Son of Vivaswan (Sugriva), the chief of vanaras, Kushaparva, Riksha (Jambavan) and myself also will be able to reach this place.
पदच्छेदः
| विवस्वतस्तनूजस्य | विवस्वन्त् (६.१)–तनूज (६.१) |
| हरेश्च | हरि (६.१)–च (अव्ययः) |
| कुशपर्वणः | कुश–पर्वन् (६.१) |
| ऋक्षस्य | ऋक्ष (६.१) |
| केतुमालस्य | केतुमाल (६.१) |
| मम | मद् (६.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| गतिर् | गति (१.१) |
| भवेत् | भवेत् (√भू विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | व | स्व | त | स्त | नू | ज | स्य |
| ह | रे | श्च | कु | श | प | र्व | णः |
| ऋ | क्ष | स्य | के | तु | मा | ल | स्य |
| म | म | चै | व | ग | ति | र्भ | वेत् |