अन्वयः
सा वैदेही that Vaidehi, तस्य his, वचनम् word, श्रुत्वा having heard, रामकीर्तनहर्षिता happy to hear words of praise of Rama, द्रुमाश्रितम् on the tree, हनुमन्तम् Hanuman, वाक्यम् these words, उवाच spoke.
M N Dutt
Hearing those words of Hanumān and greatly delighted at Rāma's name, Vaidehī spoke to him.
Summary
Happy to have heard words of praise of Rama, Vaidehi spoke this to Hanuman, who got up the tree:
पदच्छेदः
| सा | तद् (१.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| रामकीर्तनहर्षिता | राम–कीर्तन–हर्षित (√हर्षय् + क्त, १.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| वैदेही | वैदेही (१.१) |
| हनूमन्तं | हनुमन्त् (२.१) |
| द्रुमाश्रितम् | द्रुम–आश्रित (√आ-श्रि + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सा | त | स्य | व | च | नं | श्रु | त्वा |
| रा | म | की | र्त | न | ह | र्षि | ता |
| उ | वा | च | वा | क्यं | वै | दे | ही |
| ह | नू | म | न्तं | द्रु | मा | श्रि | तम् |