अन्वयः
ससुग्रीवः together with Sugriva, सलक्ष्मणः and Lakshmna, रामः Rama, त्वाम् you, नित्यम् always, स्मरति remembers, वैदेहि Vaidehi, राक्षसीवशम् under the clutches of shedemons, आगता come, दिष्ट्या luckily, जीवसि you are alive.
Summary
"O Vaidehi Rama, Lakshmana and Sugriva always remember you. Luckily you are alive even though you are under the clutches of shedemons.
पदच्छेदः
| नित्यं | नित्यम् (अव्ययः) |
| स्मरति | स्मरति (√स्मृ लट् प्र.पु. एक.) |
| रामस्त्वां | राम (१.१)–त्वद् (२.१) |
| ससुग्रीवः | स (अव्ययः)–सुग्रीव (१.१) |
| सलक्ष्मणः | स (अव्ययः)–लक्ष्मण (१.१) |
| दिष्ट्या | दिष्टि (३.१) |
| जीवसि | जीवसि (√जीव् लट् म.पु. ) |
| वैदेहि | वैदेही (८.१) |
| राक्षसीवशम् | राक्षसी–वश (२.१) |
| आगता | आगत (√आ-गम् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नि | त्यं | स्म | र | ति | रा | म | स्त्वां |
| स | सु | ग्री | वः | स | ल | क्ष्म | णः |
| दि | ष्ट्या | जी | व | सि | वै | दे | हि |
| रा | क्ष | सी | व | श | मा | ग | ता |